- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
रिकॉर्ड 7.58 लाख टन गेहूं खरीदी, प्रदेश में उज्जैन दूसरे पर, किसानों की संख्या में अव्वल
उज्जैन. समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर आया है जबकि हमारे जिले में सबसे ज्यादा किसानों ने उपज बेचने का रिकॉर्ड बनाया है। खरीदी के लिए सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था। उससे डेढ़ गुना ज्यादा खरीदी हुई है। गेहूं खरीदी के लिए जिले में 178 केंद्र बनाए थे। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि लॉकडाउन के दौरान उपज खरीदी कैसे हो। पहली बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किसानों को सुविधाएं जुटाई। जिला आपूर्ति अफसर एमएल मारू के अनुसार रिकॉर्ड 7.58 लाख टन गेहूं की खरीदी हुई है। किसानों को 781 करोड़ रुपए का भुगतान हो गया है। 5.15 लाख टन गेहूं का परिवहन रेलवे के रैक और सड़क मार्ग के जरिए किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए सरकार ने 38 दिन बाद अनुमति दी। जिले में गेहूं बेचने के लिए 99635 किसानों ने सेवा सहकारी केंद्राें पर पंजीयन करवाया है। जिले में किसानोंं ने 4.08 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की थी। अनुमान के मुताबिक बंपर पैदावार हुई। मंडियों के दरवाजे बंद थे एेसे में किसानों के लिए बेचने के लिए केवल एक स्थान था- सरकारी खरीदी। 22 अप्रैल को खरीदी शुरू हुई तो उनका इंतजार खत्म हो गया। समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल पर पंजीकृत किसानों को एनआईसी भोपाल से एसएमएस भेजकर गेहूं खरीदी शुरू की। जिले में गत वर्ष गेहूं खरीदी के लिए 123 केंद्र बनाए थे।